Anil Kapoor : खूब रोए थे अनिल कपूर…. कभी ब्लैक में बेचे टिकट तो कभी किया स्पॉटबॉय का काम
Anil Kapoor : खूब रोए थे अनिल कपूर.... कभी ब्लैक में बेचे टिकट तो कभी किया स्पॉटबॉय का काम

Anil Kapoor : नई दिल्ली: 90 के दशक के चर्चित अभिनेता अनिल कपूर (Anil Kapoor) आज सफलता की ऊंचाइयों पर हैं। उनके पास न सिर्फ अपार दौलत और शोहरत है, बल्कि वो इंडस्ट्री के सबसे सफल एक्टर्स में से एक माने जाते हैं। आज भी स्क्रीन पर उनकी एक्टिंग का जलवा बरकरार है, और हर बार जब वो स्क्रीन पर आते हैं, तो दर्शकों पर अपनी छाप छोड़ जाते हैं। हालांकि, ये सफर अनिल कपूर के लिए आसान नहीं था। उनके पिता एक्टिंग में करियर बनाने के खिलाफ थे और घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी, जिसकी वजह से उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। आइए जानते हैं उनके संघर्ष की कहानी।
Anil Kapoor : आज अनिल कपूर अपना 68वां जन्मदिन मना रहे हैं। आज वे जहां एक सफल अभिनेता के रूप में स्थापित हैं और उनकी फिटनेस की तारीफें होती हैं, वहीं एक समय था जब उनके पास अपना घर नहीं था और वह अपने परिवार के साथ गैराज में रहते थे। वह छोटे से छोटे रोल पाने के लिए डायरेक्टरों के घर के बाहर घंटों खड़े रहते थे और उनके पीछे दौड़ते रहते थे। बचपन से ही उन्हें एक्टिंग में रुचि थी, लेकिन जब उन्होंने एक्टिंग का एग्जाम दिया, तो वे इसमें फेल हो गए थे, जिससे वे बुरी तरह टूट गए थे।
Anil Kapoor : स्पॉटबॉय के तौर पर काम करने लगे थे अनिल कपूर
Anil Kapoor : अनिल कपूर की संघर्ष भरी ज़िंदगी की शुरुआत तब हुई, जब उन्होंने अपने पिता की बीमारी के बारे में सुना। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, और अपने परिवार को सपोर्ट करने के लिए उन्होंने स्पॉटबॉय के तौर पर काम करना शुरू किया। जब वह करीब 17-18 साल के थे, तब उन्होंने काम ढूंढना शुरू किया।
Anil Kapoor : एक्टिंग स्कूल में दाखिला न मिलने पर रो पड़े थे अनिल कपूर
Anil Kapoor : अनिल कपूर बचपन से ही एक्टिंग के दीवाने थे और एक्टिंग स्कूल में दाखिला लेने के लिए पुणे गए थे, लेकिन वहां भी उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा। वे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) के एंट्रेंस एग्जाम में फेल हो गए थे, जिससे वह बहुत निराश हुए थे। इस असफलता के बाद वह कई दिन रोते रहे थे। उन्होंने एफटीआईआई के डायरेक्टर गिरीश कर्नाड से भी कई बार गुजारिश की थी, लेकिन फिर भी उनका दाखिला नहीं हो सका।
Anil Kapoor : ब्लैक में टिकट बेचे थे अनिल कपूर
Anil Kapoor : एक बार अनिल कपूर ने ‘कॉमेडी नाइट्स विद कपिल’ शो में अपनी स्ट्रगल लाइफ के बारे में बताया था। उन्होंने खुलासा किया था कि उन्होंने फिल्मों के टिकट ब्लैक में बेचे थे। उन्होंने बताया था कि वह और उनके दोस्त टपोरी जैसे व्यवहार करते थे और फिल्मों के टिकट बेचने का काम भी करते थे।
Anil Kapoor : स्ट्रगल के बाद मिला सफलता का मौका
Anil Kapoor : इन तमाम संघर्षों के बाद अनिल कपूर को आखिरकार वह मौका मिला, जिसका वह इंतजार कर रहे थे। उन्होंने 1980 में तेलुगु फिल्म ‘वामसा वृक्षम’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। हालांकि, इससे पहले उन्होंने 15 साल की उम्र में हिंदी फिल्म ‘तू पायल मैं गीत’ से चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर करियर की शुरुआत की थी, लेकिन यह फिल्म कभी रिलीज नहीं हो पाई।
Anil Kapoor : इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड में कास्टिंग डायरेक्टर का काम भी किया और ‘हम पांच’ के लिए कास्टिंग की थी। यही वह मोड़ था, जब उनका समय बदलने लगा और आज वह एक सफल अभिनेता के रूप में स्थापित हो गए हैं। अनिल कपूर के जन्मदिन पर उनकी संघर्ष भरी ज़िंदगी की यह कहानी हमें यह सिखाती है कि अगर संघर्ष और मेहनत के साथ काम किया जाए, तो सफलता जरूर मिलती है।
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